A2Z सभी खबर सभी जिले कीअन्य खबरेकटनीमध्यप्रदेश

जहां सनातन चेतना शिव शक्ति, एवं जन आस्था का प्रकाश स्थंभ बना हुआ है वहीं अगर ये कहा जाय कि कटनी की धारा पर कैलाश के साथ भगवान नील कंठेश्वर स्वयं अवतरित हुए है

शिव भक्तो से बिषेस आग्रह है कि महाशिवरात्रि महोत्सव में सहभागी बन कर भगवान भोलेनाथ का आशिर्वाद प्राप्त करें

 

Screenshot 2026 02 04 20 59 06 11 40deb401b9ffe8e1df2f1cc5ba480b12

कटनी

बर नत छवि जहंं तहं सब लोगू।

अवस  देखिए  देखन   जोगू।।

विजय राघव गढ़ अंतर्गत ऐसा धार्मिक स्थल भी  है  जिसक पताका आज दूर दूर दिखाई दे रही है। जहां आस्था सांस लेती है जहां हर पत्थर में शिव का वास महसूस होता है और जहां भक्ति स्वयं साधना बन जाती है वह पावन भूमि है नीलकंठेश्वर भक्ति धाम। वर्षों से यह धाम केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि सनातन चेतना शिव-शक्ति और जन आस्था का प्रकाश स्तंभ बन चुका है। आज इसकी ख्याति दूर-दूर तक फैल रही है और भक्तों के हृदय में यह धाम एक तीर्थ के रूप में प्रतिष्ठित हो चुका है। आशुतोष चंद्रमौलि भगवान शिव की असीम अनुकंपा से नीलकंठेश्वर धाम में 36वां महाशिवरात्रि महोत्सव श्रद्धा भक्ति और दिव्यता के साथ मनाया जा रहा है।

 

Screenshot 2026 02 04 20 58 45 12 40deb401b9ffe8e1df2f1cc5ba480b12यह महोत्सव केवल आयोजन नहीं बल्कि शिव से साक्षात्कार का अवसर है जहां हर हर महादेव की गूंज आत्मा को स्पर्श करती है। जिस नींव में थी तपस्या वही आज परंपरा बनी, नीलकंठेश्वर धाम की स्थापना केवल ईंट-पत्थरों से नहीं हुई बल्कि इसके मूल में थी अटूट आस्था और शिवभक्ति। वर्षों पूर्व इस पावन धाम की नींव हरिश्चंद्र पद्मभूषण से सम्मानित शिव शक्ति उपासक मदनलाल ग्रोवर ने रखी । उनका जीवन स्वयं शिव साधना का उदाहरण बन चुका है सादगी सेवा और समर्पण से भरा हुआ। आज उसी पावन परंपरा का निर्वाहन बाबू ग्रोवर एवं रुद्राक्ष ग्रोवर द्वारा पूरी निष्ठा श्रद्धा और सेवा भाव से किया जा रहा है।

 

Screenshot 2026 02 04 20 58 17 99 40deb401b9ffe8e1df2f1cc5ba480b12यह केवल व्यवस्थापक नहीं बल्कि पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही  भगवान भोलेनाथ की साधना है जो नीलकंठेश्वर धाम को और अत्याधिक दिव्य बना रही है। महाशिवरात्रि महोत्सव भक्ति का विराट स्वरूप महोत्सव के अंतर्गत श्रीरामचरितमानस पाठ एवं 231 दिवसीय अनुष्ठान पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं महाअभिषेक भव्य भोलेनाथ की बारात श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारा तथा श्रद्धात्मक पूर्णाहुति एवं देवी जागरण

जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से शिवभक्ति अपने चरम पर पहुंचेगी। भजन सम्राट हेमन ब्रजवासी (मथुरा) की दिव्य प्रस्तुति से वातावरण भक्तिरस में डूब जाएगा जहां हर स्वर शिवमय होगा और हर ताल हृदय को झंकृत करेगी। नीलकंठेश्वर भक्ति धाम जहां शिव सजीव हैं आज नीलकंठेश्वर धाम केवल स्थानीय आस्था का केंद्र नहीं रहा।इसकी ख्याति अब जिले और प्रदेश की सीमाओं को पार कर देशभर के श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है। यहां आने वाला हर भक्त यही कहता है यहां आकर मन को शांति मिलती है जैसे स्वयं भोलेनाथ सान्निध्य दे रहे हों। आयोजक परिवार एवं समस्त नील कंठेश्वर  भक्ति मंडल द्वारा सभी श्रद्धालुओं से विनम्र आग्रह किया गया है कि वे इस महाशिवरात्रि महोत्सव में सहभागी बनकर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करें। नील कंठेश्वर धाम जहां इतिहास है परंपरा है और सबसे बढ़कर स्वयं महादेव का वास है। इस आयोजन के संरक्षक विजयराघवगढ़ विधायक संजय सत्येंद्र पाठक व आयोजक मदनलाल ग्रोवर बाबू ग्रोवर रुद्राक्ष ग्रोवर के अलावा सम्पूर्ण नील कंठेश्चवर भक्ति धाम परिवार है।

कटनी ब्यूरो चीफ सुरेन्द्र कुमार शर्मा

नित नई खबर एवं विज्ञापन हेतु संपर्क करें

Show More
Back to top button
error: Content is protected !!